सोमवार, 6 जनवरी 2014

हाथों की त्वचा का रंग भी सेहत के बारे में कुछ बताता है


हैल्थ और पर्सनैलिटी का आईना होते हैं हाथ, इनमें हुनर
ही नहीं, स्वास्थ्य के भी राज हैं। पहले वैद्य एवं हकीम
रोगी की आंखों, हाथ, नाखून और त्वचा की रंगत और शरीर के
तापमान से ही रोग का पता लगा लेते थे, आज भले ही नई
तकनीकें इस क्षेत्र में आ गई हैं परंतु पुरानी तकनीक से हम
रोग की दस्तक को पहले ही पहचान कर उसका उपचार
करा सकते हैं।
आप भी अपने ही नहीं बल्कि दूसरों के हाथों पर भी नजर रख
उनके स्वास्थ्य के बारे में काफी हद तक जान सकती हैं
ताकि समय रहते आप उसका उपचार भी ढूंढ सकें।
हालांकि किसी भी रोग की सही जानकारी के लिए आज कई
प्रकार के टैस्ट कराए जाते हैं पर वे निशानियां आज
भी नहीं बदलीं और स्वास्थ्य में होने वाले बदलावों को सहज
ही बता जाती हैं।

नाखून



नाखून पीले नजर आने लगें तो इसे
पीलिया की निशानी माना जाता है। नाखूनों का हरा रंग शरीर में
टॉक्सिन बढऩे, खाने में किसी मैटल की अधिकता होने या फिर
किसी भी प्रकार के फंगल इन्फैक्शन की ओर इशारा करता है।
नाखूनों में किसी प्रकार की लाइनें या सफेद रंग के धब्बे बताते
हैं कि शरीर में पोषक तत्वों की कमी है। यदि नाखूनों का रंग
फीका लगे तो यह फंगल इन्फैक्शन या डाइबिटीज का संकेत
भी हो सकता है।
नाखून जल्दी-जल्दी टूटें तो विटामिन बी की कमी है।

उंगलियां

उंगलियां यदि आगे से पतली होने लगें तो समझ लीजिए
कि एस.एल.ई. रोग आपकी ओर दबे पांव आ रहा है। यह इम्यून
सिस्टम पर हमला कर धीरे-धीरे शरीर के अंगों को निष्क्रिय
कर देता है।
सर्दियों में उंगलियों में सूजन आना नॉर्मल प्रॉब्लम है। इसे
चिल ब्लेन कहा जाता है परंतु यदि गर्मियों में ऐसा हो तो इसके
कई कारण हो सकते हैं जैसे प्रोटीन की कमी, किडनी या लिवर
में कोई खराबी, थॉयराइड या कोई हार्ट डिसीज। कुछ अन्य
कारणों में पीरियड्स से पहले महिलाओं को होने वाली ब्लोटिंग
या आवश्यकता से अधिक नमक खाना हो सकता है।
यदि फिंगर टिप्स नीली हों तो ये शरीर में ऑक्सीजन
की कमी की ओर इशारा करती हैं। यह रेनॉड नामक रोग
का भी लक्षण है जो स्ट्रैस या ज्यादा ठंडे तापमान के कारण
भी होता है। रेनॉड की पहचान तभी मानी जाएगी जब नीलापन
आधे घंटे से ज्यादा रहे।

हथेलियां

शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी से हथेलियां पीली नजर आती हैं।
इसके साथ-साथ पूरा शरीर भी पीला नजर आने लगता है।
यदि हथेलियों का रंग लाल है और उनमें जलन या खारिश
होती है तो यह एग्जीमा जैसे त्वचा रोग की निशानी है। लाल
हथेलियां शरीर में खून की अधिकता जाहिर करती हैं।
गर्भवती महिलाओं की हथेलियां भी कभी-कभी लाल
हो जाती हैं जो नॉर्मल बात है।

डॉक्टरी सलाह अनिवार्य

 यदि कोई लक्षण नजर आए
भी तो उसे तुरंत ही संबंधित बीमारी से जोड़ कर
नहीं देखना चाहिए क्योंकि डॉक्टरी जांच अनिवार्य है। थोड़े
समय तक रहने वाले ये लक्षण अपने आप भी ठीक हो जाते हैं।
कई बार ब्लड सर्कुलेशन ठीक न होने से भी इस प्रकार के
लक्षण हो जाते हैं।

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