
चाइनीज गर्भावस्था कैलेंडर को बहुत ही ऐतिहासिक माना जाता है और यह लगभग 700 साल पुराना भी माना जा रहा है । हर गर्भवती महिला में इस बात को लेकर भी उत्साह रहता है कि उसका होने वाला बच्चा लड़का होगा या लड़की। आज चीनी कैलेंडर का प्रयोग होने वाले बच्चें का लिंग पता करने में किया जा रहा है। चाइनीज कैलेंडर में यह बात ध्यान में रखी जाती है कि गर्भधारण के दौरान मां की लूनर एज क्या थी । होने वाले बच्चे के लिंग का पता करने के लिए यह बहुत ही जानी मानी पद्धति है। चीनी कैलेंडर के बारे में ऐसा कहा जाता है कि सबसे पहले बेजिंग में स्थित विज्ञान संस्थान में इसकी खोज हुई। कुछ लोगों का कहना है कि यह चार्ट पेकिंग के पास टांब में मिला और अब...