बुधवार, 30 जनवरी 2019

सफेद दाग (Leucoderma) का इलाज संभव है।

Case N0:- 2
यह एक पुरुष पेशेंट है जिसकी उम्र 24 साल है। इसके हाथों में सफेद दाग का रोग पिछले 8 साल से है। इसके हाथ की फ़ोटो इलाज(ट्रीटमेंट) से पहले की निम्न है:-
अब इनका इलाज इनकी प्रकृति (Temperament) और सही निदान(diagnosis) के बाद Electro homeopathy  की हर्बल मेडिसिन से किया गया है अभी 4 माह के इलाज(ट्रीटमेंट) के बाद इन्हें काफी आराम(रिलीफ) है जिसका फ़ोटो निम्न है:-

इनका इलाज(ट्रीटमेंट) अभी continue है। इनका इलाज इलेक्ट्रो-होम्योपैथी की हर्बल मेडिसिन से किया गया है जो की शरीर के भीतर के सभी विषों(टॉक्सिन्स) को बाहर करके शरीर के रस(लिम्फ) और खून (ब्लड) को शुद्ध (pure) करके शरीर को नवजीवन प्रदान करती हैं। इस पद्दति की मेडिसिन हानि रहित होती हैं , इनका कोई साइड इफ़ेक्ट नही होता है। 

 DR. ASHOK KUMAR
 Mob:- 9716126839, 8178513616

मंगलवार, 29 जनवरी 2019

सफेद दाग (Leucoderma) का सफल इलाज (ट्रीटमेंट) संभव है।





Case N0 :- 1

एक महिला पेशेंट जिसकी उम्र 30 साल है। पिछले 12 साल से सफेद दाग के रोग से पीड़ित थी। उस समय का उसका फ़ोटो निम्न है :-


वो अब से 6 माह पहले मेरे पास आई थी तो उसका ट्रीटमेंट उसकी प्रकृति (टेम्परामेंट) चेक करने और डायग्नोसिस करने के बाद शुरू किया गया।
उसे पहले 2 महीने में ही 10% आराम मिल गया था लेकिन 6 महीने में 80% ठीक हो गई है और इलाज अभी continue  चल रहा है। अब की फोटी निम्न है:-

इनका इलाज इलेक्ट्रो-होम्योपैथी की हर्बल मेडिसिन से किया गया है जो की शरीर के भीतर के सभी विषों(टॉक्सिन्स) को बाहर करके शरीर के रस(लिम्फ) और खून (ब्लड) को शुद्ध (pure) करके शरीर को नवजीवन प्रदान करती हैं। इस पद्दति की मेडिसिन हानि रहित होती हैं , इनका कोई साइड इफ़ेक्ट नही होता है। 

Dr. Ashok kumar Mob:- 9716126839, 8178513616


मंगलवार, 22 जनवरी 2019

पित्त की थैली की पथरी (GALLBLADDER STONE) का इलाज संभव है।

एक पेशेंट जिसकी उम्र लगभग 30 yrs थी वह पित्त की थैली की पथरी (Gallstone) से पीड़ित था उसको 45 डेज का ट्रीटमेंट दिया था। जिसकी treatment से पहले की रिपोर्ट निम्न है:-

फर्स्ट ट्रीटमेंट से ही लगभग 45 दिन में ही पित्त की थैली की पथरी घुलकर समाप्त हो गई। पेशेंट की ट्रीटमेंट के बाद की रिपोर्ट निम्न है


इस ट्रीटमेंट से दर्द होना तो पहले दिन से ही बंद हो गया था।अब ये पूरी तरह से ठीक क्योर(cure) हैं।
इनका इलाज इलेक्ट्रो-होम्योपैथी की हर्बल मेडिसिन से किया गया है जो की शरीर के भीतर के सभी विषों(टॉक्सिन्स) को बाहर करके शरीर के रस(लिम्फ) और खून (ब्लड) को शुद्ध (pure) करके शरीर को नवजीवन प्रदान करती हैं। इस पद्दति की मेडिसिन हानि रहित होती हैं , इनका कोई साइड इफ़ेक्ट नही होता है। 

Dr. Ashok kumar
(Mob:- 9716126839, 8178513616)

 
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