शुक्रवार, 27 मार्च 2020

कोरोना एप के द्वारा पता लग सकेगा कोरोना का ।

CoronaVirus के खिलाफ भारत समेत पूरी दुनिया जंग लड़ रही है। इस बीच, इस महामारी से बचने के उपायों को लेकर भी जद्दोजहद जारी है।
भारत में कई स्तर पर प्रयोग हो रहे हैं। ताजा खबर हरियाणा के फरीदाहाद से है। यहां के जेसी बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, के छात्रों ने ऐसा ऐप बनाने का दावा किया जो कोरोना वायरस संक्रमित के पास आने पर अलर्ट कर देता है। इतना ही नहीं, यह ऐप यह भी बताता है कि किन-किन स्थानों पर कोरोना संक्रमण का खतरा है और यूजर को वहां जाने से बचना चाहिए।

जियो-फेंसिंग तकनीक का उपयोग

जेसी बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की स्टार्ट-अप टीम में एमबीए के दो छात्रों ललित फौजदार तथा नितिन शर्मा ने जियो-फेंसिंग तकनीक का उपयोग करते हुए यह मोबाइल ऐप तैयार किया है।यदि कोरोना वायरस संक्रमित कोई व्यक्ति इस ऐप के 5 से 100 मीटर के दायरे में आता है तो यह अलर्ट मैसेज भेज देता है।

नाम दिया कवच, जानिए बनने के पीछे की कहानी

विश्वविद्यालय के एडजेंक्ट फैकल्टी अजय शर्मा के मुताबिक, इस ऐप को कवच नाम दिया गया है। ऐप अजय शर्मा की देखरेख में ही बना है। उनके मुताबिक, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने 16 मार्च को कोविड-19 सोल्यूशन चैलेंज लॉच किया था और 31 मार्च तक CoronaVirus से बचाव के लिए इनोवेटिव समाधान बुलाए थे। इसी चैलेंज के तहत छात्रों ने काम किया और 10 दिन की अथक मेहनत के बाद ऐप तैयार कर लिया।

कब कर सकेंगे डाउनलोड

अजय शर्मा के मुताबिक, ऐप को तैयार कर इसका प्रोटोटाइप भारत सरकार के पास भेजा गया है। साथ ही ऐप को प्ले स्टोर पर उपलब्ध करवाने के लिए गूगल इंडिया को भी भेजा जा चुका है। केंद्र सरकार से अनुमति मिलने के बाद हर कोई इसे डाउनलोड कर सकेगा और CoronaVirus जैसी महामारी से बच सकेगा।

शनिवार, 21 मार्च 2020

थर्मल स्कैनर (Thermal Scanner)


कोरोना वायरस की वजह से पूरी दुनिया में हड़कंप मचा हुआ है। चीन के वुहान शहर से फैला यह वायरस लगभग पूरी दुनिया में अपने पैर पसार चुका है।  हमारे देश के विभिन्न स्थानों पर थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है, ताकि कोरोना वायरस से संक्रमित शख्स की पहचान की जा सके। ऐसे में हम आपको बताते हैं कि आखिर क्या है थर्मल स्क्रीनिंग और इससे कोरोना वायरस की पहचना कैसे होती है। थर्मल स्कैनर की कीमत 3 हजार रुपये से लेकर 50 हजार रुपये तक है। आप इसे घर बैठे ऑर्डर करके मंगवा सकते हैं।

क्या है थर्मल स्कैनर या थर्मल गन?

कोरोना वायरस से जंग में इस समय थर्मल स्कैनर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। थर्मल स्कैनर (थर्मल गन) ऐसा उपकरण है, जिसके जरिए कोरोना वायरस या फिर किसी और रोग से ग्रसित व्यक्ति की पहचान की जा सकती है। एक्सपर्ट के मुताबिक थर्मल स्कैनर एक हेल्दी व्यक्ति और विषाणु से ग्रस्त व्यक्तियों में अंतर बताता है। इस स्कैनर की खासियत यह है कि इससे निकलने वाली तरंगों का मानव शरीर पर कोई बुरा असर या नुकसान नहीं होता। लेकिन, इसका इस्तेमाल विशेषज्ञ की देखरख में ही करनी चाहिए।

थर्मल स्कैनर से मरीजों की पहचान कैसे?

थर्मल स्कैनिंग को लेकर लोगों के मन में डर रहता है इससे शरीर को कोई नुकसान हो। लेकिन, आपको बता दें कि थर्मल स्कैनिंग हमारे शरीर की जांच के सबसे आसान उपायों में से एक है और इससे किसी के शरीर में कोई नुकसान नहीं पहुंचता। इस चेकिंग के दौरान यदि थर्मल स्कैनर से गुजरने वाले किसी व्यक्ति के शरीर का तापमान सामान्यत व्यक्ति के तापमान से अधिक पाया जाता है, तो ऐसे संदिग्ध की मेडिकल जांच की जाती है।

 थर्मल स्कैनर (थर्मल गन) एक इंफ्रारेड कैमरे की तरह काम करता है। इस स्कैनर के जरिए गुजरने वाले व्यक्ति के शरीर में मौजूद विषाणु इंफ्रारेड तस्वीरों में दिखाई पड़ते हैं, विषाणुओं की संख्या अधिक या खतरनाक स्तर पर होने पर व्यक्ति के शरीर का तापमान भी बढ़ जाता है। लिहाज, इससे पता चल जाता है कि व्यक्ति किसी संक्रमण से ग्रसित है और आसानी से उसकी पहचान हो जाती है।

क्या असर होता है?

थर्मल गन की खासियत यह है कि इससे निकलने वाली तरंगों का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है। थर्मल गन को सिर के पास ले जाकर तापमान मापा जाता है। जिससे स्वस्थ व्यक्ति और संदिग्ध रोगी के बीच तापमान के अंतर से पता चलता है। यह स्कैनर व्यक्ति के शरीर के तापमान के आधार पर संदिग्ध रोगी का पता लगाता है। एक्सपर्ट का कहना है कि एक सामान्य स्वस्थ व्यक्ति के मुकाबले कोरोना पीड़ित के शरीर का तापमान अधिक होगा। प्राथमिकी तौर पर इस यंत्र से पुष्टि होने के बाद संदिग्ध मरीज को मेडिकल जांच के लिए भेजा जाता है।

ऑनलाइन मंगवाएं थर्मल गन
तमाम ई-कॉमर्स वेबसाइट पर थर्मल गन (Thermometer Gun) उपलब्ध हैं, जिसकी शुरुआती कीमत 3 हजार रुपये से लेकर 50 हजार रुपये तक है। आप इसे घर बैठे ऑर्डर करके मंगवा सकते हैं। हालांकि कहा जा रहा है कि स्क्रीनिंग के दौरान की एक्सपर्ट की मदद जरूरी है।

कोरोना वायरस (Corona virus)के लक्षणों को समझें

इस वायरस के प्राथमिक लक्षण क्या हैं यह भी अब तो सभी पता चल गए होंगे |


एहतियात के तौर पर कोरोना वायरस के यह हैं लक्षण जिसे देखे और समझे।

1 -3 दिन

कोरोना वायरस के प्राथमिक पहले 1 -3 दिनों तक मामूली बुखार चढ़ना मामूली सा गले में दर्द होना यह लक्षण दिखाई देते है |

चौथा दिन

चौथे दिन से गले में दर्द महसूस होना ,व्यक्ति की आवाज बदल जाना ,शरीर का अचानक तापमान बढ़ जाना ,सिरदर्द बढ़ जाना इत्यादि लक्षण नजर आ जाते हैं |

पांचवा दिन

पहले 4 दिनों के लक्षण के बाद पांचवे दिन शरीर को थकान हो जाती है ,सर दर्द ,खाँसी बरक़रार रह जाती हैं |

छठा दिन

इस दिन बुखार 37 सेल्सियस तक बढ़ जाता हैं , जोरदार खांसी ,सांस लेने में तकलीफ और उल्टियाँ शुरू होना यह लक्षण नजर आ जाते हैं |

सातवा दिन

सातवे दिन भी तेज बुखार ,खाँसी और थूँकना बढ़ जाना ,शरीर दर्द, उल्टिया और जुलाब यह लक्षण दिखाई देते हैं |

8 -9 दिन

इन दिनों में तेज बुखार 37 -38 सेल्सियस तक ,असहनीय खाँसी और सांस लेने में कठिनाई हो जाती हैं |
इस स्थिति में अपने डॉक्टर की सलाह ले साथ ही ब्लड टेस्ट और x -ray कराकर जांच कर ले की आप covid -19 से ग्रस्त तो नहीं हैं |

शनिवार, 14 मार्च 2020

THYROID (Hypothyroidism) CURE IN 38 DAYS

एक महिला पेशेंट जिनकी उम्र लगभग 55-57 वर्ष है इनकी थाइरोइड (हाइपो थाइरोइड)का ट्रीटमेंट 13/06/2019 को प्रारम्भ किया था जिसमे इनकी रिपोर्ट में TSH का लेवल 13.3 था। इनकी फर्स्ट रिपोट निम्न प्रकार है:-

शुक्रवार, 17 जनवरी 2020

A Kidney(in Ureter) stone 17.5 MM Size Removed in 15 days successfully

एक महिला पेशेंट जिसकी उम्र 25 yrs है। वह युरेटर की पथरी(Stone) से पीड़ित थी। उसके बहुत तेज दर्द था तथा पेशाब में खून(Blood) भी आ रहा था। पेशेंट की ट्रीटमेंट से पहले की रिपोर्ट निम्न है:-


फर्स्ट ट्रीटमेंट से ही लगभग 15 दिन में ही युरेटर की पथरी मुलायम होकर पेशाब के रास्ते बाहर निकल गई। जो निम्न है:-

 
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