आँखोँ का स्वास्थ्य लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
आँखोँ का स्वास्थ्य लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शनिवार, 23 अक्टूबर 2010

बढ़ती उम्र मेँ घटती आँखों की रोशनी को कैसे बढ़ायेँ?

विटामिन ए से युक्त दवा आपको उम्र बढ़ने के साथ होने वाली दृष्टिहीनता से बचा सकती हैं। शोधकर्ताओं के मुताबिक यह दवा बुढापे में होने वाली दृष्टिहीनता के सबसे सामान्य कारणों को दूर करती है। शोधकर्ताओ द्वारा प्रस्तुत नई दवा "फेनरीटिनाइड" उम्र बढ़ने के साथ मांसपेशियों में होने वाली क्षति को रोकती है। इसे रोकने के लिए अब तक कोई इलाज उपलब्ध नहीं था। यह दवा रेटिना के उस हिस्से की कोशिकाओं की क्षति और मृत्यु को रोकती हैं जो सामने की ओर सीधी दृष्टि के लिए आवश्यक होती है। पहले रेटिना की ये कोशिकाएं नष्ट हो जाने से दृष्टि के बीचों-बीच एक काला धब्बा बना दिखाई देता था। इस बजह से लोगों को रोजमर्रा के कामों जैसे पढ़ने, वाहन चलाने या टेलीविजन देखने में परेशानी होती है। अमेरिकी शोधकर्ताओं ने विटामिन ए से निकाले गए "फेनरीटिनाइड" का अध्ययन किया था। यह विटामिन गाजर में पाया जाता है और मुख्य रुप से गठिया की...

गुरुवार, 7 अक्टूबर 2010

क्या आप जानते हैँ कि बच्चोँ मेँ आँखोँ का खतरा ज्यादा होता हैँ?

आमतौर पर कोई भी सामान्य बच्चा पूरे साल मेँ किसी वयस्क के मुकाबले 3 गुना अधिक अल्ट्रा वाँयलेट किरणोँ को ग्रहण करता हैँ। एक व्यक्ति जीवनभर मेँ जितना अल्ट्रा वाँयलेट किरणोँ के प्रभाव को ग्रहण करता हैँ , उसका 80 प्रतिशत वह 18 साल तक झेल लेता हैँ। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार दुनियाभर मेँ हर साल होने वाली दृष्टिहीनता मेँ 1 करोड़ 70 लाख मोतियाबिँद के कारण होती हैँ। तेज रोशनी दृष्टि को खराब करती है। ऐसे मेँ बच्चे की आँखोँ को सुरक्षा देने का प्रयास करेँ। इसके लिए बच्चोँ के चश्मेँ मेँ फोटोक्रोमिक लैँस का प्रयोग करना एक बेहतर विकल्प हैँ। -: MY OTHER BLOGS :- > SANSAR(Ghazals) > प्रेरक-विचार > बचत और निवेश...

 
Powered by Blogger