मंगलवार, 13 सितंबर 2011

जीभ से जाने अपने स्वास्थ्य के बारे मेँ


जब भी आप डाँक्टर के
पास जाते हैँ, तो वह टाँर्च
की मदद से आपकी जीभ
जरूर चेक करता है। कुछ
लोगोँ को भले ही यह
अजीब लगता हो, लेकिन
सच्चाई यह है कि इस तरह
से बड़ी-बड़ी बीमारियाँ
पकड़ मेँ आ जाती हैँ।
दरअसल, जीभ मेँ होने वाले
बदलाव कई बीमारियोँ को
समय पर पकड़ने मेँ मदद
करते हैँ। जाहिर है, इस
तरह ये बीमारियाँ गंभीर
रूप लेने से बच जाती हैँ।


छाले होना
:- जीभ पर छोटे व दर्द करने
वाले छाले एक आम
समस्या है । इनकी वजह
स्ट्रेस, टेँशन, और हाँर्मोनल
बदलाव हो सकती है ।
हालांकि ये किसी खास
बीमारी के लक्षण नहीँ होते
और कुछ ही दिनोँ मेँ ठीक
हो जाते हैँ । वहीँ , कुछ
खास तरह के छाले बाँडी मेँ
एलर्जी रिएक्शन, वायरस
इंफेक्शन और इम्यून
डिसऑर्डर की ओर इशारा
करतेँ हैँ और जीभ की एक
साइड पर दर्द करने वाली
ग्रोथ हो रही हो, तो इसे
फौरन डाँक्टर को दिखाएं।
यह कैँसर का लक्षण हो
सकता है।


रंग बदलना
:- स्मूथ, हल्की पीली और
सपाट जीभ बाँडी मेँ
आयरन की कमी बताती है,
जबकि सपाट लाल जीभ
डाइट मेँ गड़बड़ की ओर
इशारा करती है। अगर
जीभ का कलर स्ट्राँबेरी के
कलर का हो गया है, तो
इसका मतलब है कि आपको
स्कारलेट फीवर है। जीभ
पर सफेद पैचेज फीवर,
डिहाइड्रेशन, सायफिलिस
या स्मोक करने वालोँ मेँ
ल्यूकोप्लेकिया के लक्षण हो
सकते हैं।

> जीभ के सूजने और लाल
होने की स्थिति को
ग्लोसाइटिस कहते हैँ,
जिसकी वजह बैक्टीरिया
या वायरल इंफेक्शन हो
सकती है।
यह इंफेक्शन मुँह की पूरी
सफाई न रखने, जीभ मेँ
छेद करवाने या मसालोँ,
अल्कोहल और तंबाकू के
सेवन की वजह से होता है।


बाल महसूस होना
:- बुखार से उठने
के बाद, लंबे समय तक
एंटीबाँयोटिक का प्रयोग
करने या परऑक्साइड
वाला माउथवाँश इस्तेमाल
की वजह से जीभ का
टेक्सचर बालोँ वाला
महसूस हो सकता है ।
हालांकि यह कोई घबराने
वाली बात नहीँ है, लेकिन
इससे फंगल इंफेक्शन के
होने का डर रहता है।

> वैसे जीभ की साइड पर उगने वाली बालोँ जैसी
ग्रोथ को हेयरी
ल्यूकोप्लेकिया कहते हैँ। इसे
अक्सर एड्स के मरीजोँ मेँ
देखा गया है।


साइज बदलना
:- कई बार जीभ का साइज
बढ़ जाता है। इस स्थिति को
मेडिकल टर्म्स मेँ मैक्रो-
ग्लोसिया के नाम से जानते
हैँ। यह थायराँयड व हार्मोन
से जुड़ी गड़बड़ियोँ का एक
लक्षण है। हालांकि इस
बीमारी को दवाइयोँ की
सहायता से कंट्रोल किया
जा सकता है।


जीभ का सूखना
:- आमतौर पर नम रहने
वाली जीभ पर सूखापन
महसूस होना डिहाइड्रेशन
व सलाइवरी ग्लैँड के
डिसऑर्डर की पहचान है।
इसके लिए आपको तुरंत
डाँक्टर की मदद लेनी
चाहिए। अगर आपको
अपनी जीभ पर इनमेँ से
कोई भी लक्षण नजर आते
हैँ, तो डाँक्टर को अप्रोच
करने मेँ देर न करेँ। सही
समय पर पकड़े गए लक्षण
और शुरू किया गया
ट्रीटमेँट कई हेल्थ प्राँब्लम्स को दूर कर सकता है।

मंगलवार, 6 सितंबर 2011

सिर के गंजेपन के लिए अनुभूत प्रयोग

दूब घास(Cynodon
dactylon) के पंचाग (फल,
फूल, जड़, तना, पत्ती) तथा
कनेर के पत्तोँ को पीस कर
कपड़े मेँ रखकर रस निकालेँ
और सिर के गंजे स्थान पर
लगायेँ तो सिर्फ 15 दिनोँ मेँ
ही उस स्थान पर नये बाल
दिखाई देने शुरू हो जाते हैँ।
तथा पूरे सिर मेँ तेल की
तरह इस रस का प्रयोग करेँ
तब सफेद बाल काले होने
लगते हैँ ।

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बचत और निवेश

शनिवार, 3 सितंबर 2011

शादी के बाद बनती है अच्छी सेहत

हर किसी के जीवन में एक
न एक दिन ऐसा पल आता
है जब वह शादी के बंधन में
बंधता है। हालांकि किसी के
जीवन में ये पल जल्दी
आता है, तो किसी के जीवन
में देर में। आप शादी के
बंधन में बंधने के बाद कई
अच्छी बुरी परिस्थितियों से
गुजरते हैं। शोधों से भी यह
बात स्पष्ट हो चुकी है कि
शादी का बंधन पुरूषों को
तंदरूस्त‍ बनाता है और
महिलाओं के मानसिक
स्वास्थ्‍य को बेहतर बनाता
है। हालांकि देर से शादी
करने में भी कोई बुराई
नहीं। आइए जानें शादी से
सेहत कैसे बनती है।



> जाहिर सी बात है कि
यदि कोई आपकी सही
देखभाल और अतिरिक्त
केयर करने वाला मिलेगा
तो आप निश्चिततौर पर
स्वस्थ होंगे।

> शादी का बंधन ऐसा
तोहफा है जिससे आपका
साथी न सिर्फ आपको
भावनात्मक सपोर्ट करता है
बल्कि आपकी इच्छा-
अनिच्छा का भी खास
ख्याल रखता है।

> शोधों में यह बात
सुनिश्चित हो चुकी हैं कि
एक दूसरे की परवाह करने
वाले कपल एकल जीवन
जीने वालों की तुलना में
ज्यादा खुशहाल और स्वस्थ
रहते हैं।

> दरअसल, शादीशुदा
पुरुष इसलिए स्वस्थ रहते
हैं क्योंकि उनकी पत्नियां
उनकी अच्छे से देखरेख
करती है और वहीं दूसरी
और पुरुष महिलाओं को
भावनात्मक रूप से सहारा
देते हैं।

> आमतौर पर कहा जाता है
कि खुशी इंसान को न सिर्फ
हेल्दी जीवन देती है बल्कि
तनावमुक्त रखती है और
प्यार ऐसा भावनात्मक
लगाव है जो अतिरिक्त‍
देखभाल के साथ-साथ
तनावमुक्त भी रखता है।

> हालांकि इसके‍ विपरीत
आपका पार्टनर सही नहीं है
या फिर आपका उससे
संबंध ठीक नहीं है तो इस
बात का प्रभाव आपके
स्वास्थ्‍य पर भी पड़ता है।

> जो लोग विवाह पर
यकीन नहीं रखते यदि वह
इस तथ्य‍ से रूबरू हो जाएं
कि शादी से सेहत बनती है
और इंसान के जीवन की
तत्कालिक परिस्थितियां
बदल जाती हैं तो निश्चित
तौर पर वह शादी में और
रिश्तों में यकीन करने
लगेंगे।

> शादी केवल भौतिक सुख
ही नहीं देती, बल्कि इससे
महिलाओं और पुरूषों को
अपनी जिम्मेदारियों का
अहसास होता है, एक
परिवार को बनाने की खुशी
मिलती है।

> शादी न सिर्फ अच्छी
सेहत बनाती है बल्कि
अकेलेपन को भी दूर करती
है। साथ ही जो लोग
विवाहित होते हैं उनकी
औसत उम्र भी ज्यादा होती
है।

> शादी से व्यक्ति न सिर्फ
सेहतमंद रहता है बल्कि
वैवाहिक जीवन लोगों की
चिंताएं और परेशानियां भी
दूर करता है। दरअसल हर
किसी को हमेशा जीवन में
कोई ऐसा व्यक्ति चाहिए
होता है जिससे वह अपने
मन की बात खुल कर कह
सके। अगर मन में लगातार
कोई चिंता, कोई अवसाद
घिरा रहेगा तो उसका शरीर
पर लगातार बुरा असर
पड़ता है।

शुक्रवार, 19 अगस्त 2011

कैफीन सनस्क्रीन करेगा अब स्किन कैँसर और झुरियोँ से हिफाजत


अब स्किन कैँसर और चेहरे
की झुरियोँ को बाय-बाय
कहने का वक्त आ गया है ।

वैज्ञानिकोँ ने एक ऐसा
सनस्क्रीन बनाने का दावा
किया है जो स्किन कैँसर
और चेहरे की झुरियोँ से
हिफाजत करेगा ।
काँफी मेँ मौजूद कैफीन
स्किन को बिना नुकसान
पहुँचाए अल्ट्रा वायलेट
किरणोँ से क्षतिग्रस्त
कोशिकाओँ को मारने मेँ
मददगार होता है ।

अब कैफीन को सनस्क्रीन
लोशन बनाने मेँ इस्तेमाल
किया जाएगा ।
अध्ययन के मुताबिक स्किन
मेँ एटीआर नामका प्रोटीन
पाया जाता है , जिसमेँ
छेड़छाड़ कर कैफीन त्वचा
की रक्षा करता है ।



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