शनिवार, 21 अगस्त 2010

Do you know how good sleep comes?

You will want know how some people take sleep interesting are in the midst of noise, while some are, whose sleep open to even the slightest sound. कुछ लोगोँ की नीँद कभी पूरी नहीँ हो पाती है तो कुछ लोग किसी भी माहौल मेँ डट कर सो लेते हैँ। It's never completely fade of people'sleep something, some people get sleep in any environment. So now to know that cause is the sweet sleep.


There are researcher concluded that part of the brain is responsible Thalamas. यह भाग नीँद के दौरान शोर को बाधित कर देता है, जिससे लोगोँ को आसपास हो रहे शोर का पता ही नहीँ चलता। This section blocks the noise during the sleep, the noise of the people do not know It's going to be around.

मुख्य शोधकर्ता जेफ्रे एलेनबोगन ने कहा कि दिमाग का यह हिस्सा आवाज पर प्रतिक्रिया देने वाले इलाकोँ तक शोर संबंधी सूचनाएं नहीँ पहुँचने देता। Chief researcher Jeffrey Elenbogn said part of the brain responding to voice It's area makes accessing information about the noise. नीँद के दौरान दिमाग मेँ पैदा होने वाली विधुतीय हरकत, जिसे "Sleep spindles" भी कहते हैँ, शोर को control करती हैँ। The waves act caused the brain tour, the "Sleep spindles" There are also,'re used to noise control. दरअसल, यह Sleep spindles ही गहरी या साधारण नीँद के लिए जिम्मेदार होते हैँ। Actually, the Sleep spindles are responsible for the deep or simple sleep.

Scientists के अनुसार कुछ लोगोँ मेँ यह ज्यादा प्रभावी होता है, जिससे उनकी नीँद जल्दी से नहीँ टूटती। Scientists are effective, According to the Scientists tour some Logoँ bringing Niँd not be quickly broken. ज्यादा Sleep spindles उत्पन्न करने वाले लोग ही शोर मेँ भी मजे की नीँद ले पाते हैँ। Sleep spindles generate more noise that people fail to take a tour Niँd There are also interesting. इसके विपरीत जिन लोगोँ के दिमाग मेँ कम Sleep spindles उत्पन्न होते हैँ वह हल्की सी आहट पर भी जाग जाते हैँ। In contrast Sleep spindles are generated at the Logoँ're a tour of the brain to sound the wake There are slight.



-: MY OTHER BLOGS :-


> SANSAR(Ghazals)

> प्रेरक-विचार

> बचत और निवेश

12 comments:

आमीन ने कहा…

jyada sona sehat ke liye achha hai,,, i feels it.

Patali-The-Village ने कहा…

जानकारी के लिए धन्यवाद|

अजय कुमार ने कहा…

हिंदी ब्लाग लेखन के लिए स्वागत और बधाई
कृपया अन्य ब्लॉगों को भी पढें और अपनी बहुमूल्य टिप्पणियां देनें का कष्ट करें

Surendra Singh Bhamboo ने कहा…

ब्लाग जगत की दुनिया में आपका स्वागत है। आप बहुत ही अच्छा लिख रहे है। इसी तरह लिखते रहिए और अपने ब्लॉग को आसमान की उचाईयों तक पहुंचाईये मेरी यही शुभकामनाएं है आपके साथ
‘‘ आदत यही बनानी है ज्यादा से ज्यादा(ब्लागों) लोगों तक ट्प्पिणीया अपनी पहुचानी है।’’
हमारे ब्लॉग पर आपका स्वागत है।

मालीगांव
साया
लक्ष्य

हमारे नये एगरीकेटर में आप अपने ब्लाग् को नीचे के लिंको द्वारा जोड़ सकते है।
अपने ब्लाग् पर लोगों लगाये यहां से
अपने ब्लाग् को जोड़े यहां से

Babli ने कहा…

बहुत बढ़िया, उपयोगी और महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई! धन्यवाद!

vinita ने कहा…

ye achhi jankari hai, per Sleep spindles ko kaise jyda kaise kiya ja skta hai ager iski bhi jankari mil jaye to jyda achha hoga !!

आनन्‍द पाण्‍डेय ने कहा…

ब्‍लागजगत पर आपका स्‍वागत है ।

किसी भी तरह की तकनीकिक जानकारी के लिये अंतरजाल ब्‍लाग के स्‍वामी अंकुर जी,
हिन्‍दी टेक ब्‍लाग के मालिक नवीन जी और ई गुरू राजीव जी से संपर्क करें ।

ब्‍लाग जगत पर संस्‍कृत की कक्ष्‍या चल रही है ।

आप भी सादर आमंत्रित हैं,
http://sanskrit-jeevan.blogspot.com/ पर आकर हमारा मार्गदर्शन करें व अपने
सुझाव दें, और अगर हमारा प्रयास पसंद आये तो हमारे फालोअर बनकर संस्‍कृत के
प्रसार में अपना योगदान दें ।
यदि आप संस्‍कृत में लिख सकते हैं तो आपको इस ब्‍लाग पर लेखन के लिये आमन्त्रित किया जा रहा है ।

हमें ईमेल से संपर्क करें pandey.aaanand@gmail.com पर अपना नाम व पूरा परिचय)

धन्‍यवाद

Asha ने कहा…

एक सार्थक रचना |
आशा

Babli ने कहा…

आपको एवं आपके परिवार को श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनायें !

प्रतुल ने कहा…

आपके व्यवसाय और रुचि में विरोधाभास है. आप डॉक्टर, कवि और हस्तरेखा विशेषज्ञ सभी एक साथ. आश्चर्य.
डॉ. अशोक कुमार नाम के साथ 'उपनाम' लगा देख परिचय-द्वार पर ही ठिठक गया.
इन विरोधाभासों को एक साथ लेकर चल पाना काफी मुश्किल है. जानकारी काफी उपयोगी. पर एक प्रश्न दिमाग में कूद रहा है :
"विद्यार्थियों का परीक्षाओं के दिनों में पुस्तक लेकर बैठते ही मस्तिष्क का 'थालामस' भाग अधिक काम क्यों करता है? लेकिन परीक्षाओं की चिंता से वे ज़रा-सी आहट पर भी जग जाते हैं तब क्या दिमाग का वही भाग कम Sleep spindles उत्पादित करता हैं? यह दोहरी स्थितियाँ क्या वास्तव में विरोधाभास हैं अथवा कुछ और बात है?

राजीव कुमार कुलश्रेष्ठ ने कहा…

good post

Dr. Ashok palmist blog ने कहा…

आप सभी का आपकी स्नह रुपी टिप्पणियोँ के लिए बहुत - बहुत शुक्रिया।

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...
 
Powered by Blogger